728x90 AdSpace

  • ताजा ताजा

    मैथिली गीत

    शेषनारायण झा ‘ऋषिशेष’

    नित दिन देखियै भोरेभोर
    खसावैथ आइँख सँ कनियाँ नोर
    हुनक् मुर्झल मुर्झल ठोर
    देखिते मचि गेलै शोर
    भारेभोर भोरेभोर ।

    पिया पिपिहा पिहु पिहु बाजए
    प्रिये कहिक पकड़ैत हाथ
    धिया ऐना जौँं अहाँ रुसबै
    कोना कऽ कटतै कठित साथ
    केसक घुर्मल घुर्मल कोर
    देखिते मचि गेलै शोर
    भारेभोर भोरेभोर ।

    हँसबैत रहिओन जखन—तखन्
    कऽ कऽ प्रकट प्रकृतिक् प्रभात्
    जौं कहियौ किछु कहिदेलौं तऽ
    सिसैक् सिसैक् कऽ उदास
    गाल पर मोती सन्सन् नोर
    देखिते मचि गेलै शोर
    भारेभोर भोरेभोर ।
    • तपाईको प्रतिक्रिया

    0 comments:

    Post a Comment

    Item Reviewed: मैथिली गीत Rating: 5 Reviewed By: Shesh Narayan Jha
    Scroll to Top